कलम लाइव पत्रिका

ईमेल:- kalamlivepatrika@gmail.com

Sponsor

फ़ैशन हैं या बिमारी.... Fashion h ya bimari


फैशन है या बीमारी

--------------
कमी है हम में ,
नकल- नकल में ,
अकल लगाना भूल गए ,
अच्छे कपड़े फाड़ -काटकर ,
फैशन में ,
नंगे रहना सीख  गए ,
सद्व्यवहार भूल कर महिला देखो  ,
ओछेपन पर उतर गई , 
हाथ मे सिगरेट मुह मे धुऑ ,
नमस्कार  तक भूल गई,
मात पिता भी बने मूक दर्शक ,
संस्कृति  का अपमान  सहे ,
बेटी के उघड़े तन पर तनीक ,
संकोच नही है करते ,
ये फैशन की अंधी दौड़ ?
समाज को लंगड़ा  कर देगी  ,
नकल नकल के चक्कर  मे ,
सबको घनचक्कर  कर देगी
फैशन है ये या बीमारी ,
फैली समाज में नग्नता सारी ।।
                 ( चंद साॅसे  )
   स्वरचित्  ✍🏻कमल गर्ग
असोला फतेहपुर बेरी ,
न्यू दिल्ली -74 ,

No comments:

Post a Comment