फैशन है या बीमारी
--------------कमी है हम में ,
नकल- नकल में ,
अकल लगाना भूल गए ,
अच्छे कपड़े फाड़ -काटकर ,
फैशन में ,
नंगे रहना सीख गए ,
सद्व्यवहार भूल कर महिला देखो ,
ओछेपन पर उतर गई ,
हाथ मे सिगरेट मुह मे धुऑ ,
नमस्कार तक भूल गई,
मात पिता भी बने मूक दर्शक ,
संस्कृति का अपमान सहे ,
बेटी के उघड़े तन पर तनीक ,
संकोच नही है करते ,
ये फैशन की अंधी दौड़ ?
समाज को लंगड़ा कर देगी ,
नकल नकल के चक्कर मे ,
सबको घनचक्कर कर देगी
फैशन है ये या बीमारी ,
फैली समाज में नग्नता सारी ।।
( चंद साॅसे )
स्वरचित् ✍🏻कमल गर्ग
असोला फतेहपुर बेरी ,
न्यू दिल्ली -74 ,


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