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October 06, 2024

sanskrit me ashtro ke naam, संस्कृत में अस्त्रों के नाम

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संस्कृत हिंदी में अस्त्रों शस्त्रों के नाम 

आयुधम् - शास्त्र-अस्त्र
आयुधागारम् - शास्त्रागार
आहवः- युद्ध
कबन्धः - धड़
करबालिका - गुप्ती
कारा - जेल
कार्मुकम् - धनुष
कौक्षेयकः - कृपाण
गदा - गदा
छुरिका - चाकू
जिष्णुः - विजयी
तूणीरः - तूणीर
तोमरः - गँड़ासा
 धन्विन् – धनुर्धर
प्रहरणम् - शस्त्र
प्रासः - भाला
वर्मन् - कवच
विशिखः - बाण
वैजयन्ती - पताका
शरव्यम् - लक्ष्य
शल्यम् - वर्छी
सायुंगीनः - रणकुशल
सादिन् - घुड़सवार
हस्तिपकः – हाथीवान


October 06, 2021

संस्कृत सर्वनाम के हिंदी अर्थ

 

संस्कृत सर्वनाम के हिंदी अर्थ  

कदा--कब,
यदा--जब,
सदा (सर्वदा)---हमेशा,
एकदा--एक समय,
तदीयः--उसका,
यदीयः--जिसका,
परकीयः (अन्यदीयः)--दूसरे का,
उपरि --ऊपर,
अधः --नीचे,
अग्रे, (पुरः, पुरस्तात्)---आगे,, (पश्चात्, पीछे),
बहिः--बाहर,
अन्तः--भीतर,
उपरि -अधः ---ऊपर-नीचे,
इदानीम् , (सम्प्रति, अधुना) अब,इस समय,
आत्मीयः(स्वकीयः,स्वीयः)अपना,
शीघ्रम् --जल्दी,
शनैः शनैः--धीरे-धीरे,
महत् --महान्,
कुर्वत् --करता हुआ
पठत् --पढता हुआ,
ददत् --देता हुआ,
गमिष्यत्--जाने वाला,
कुर्वत् --करता हुआ, ददत्--देता हुआ,
गमिष्यत्--जाने वाला,
 पठत् --पढता हुआ,
सद्यः --तत्काल (अतिशीघ्र),
पुनः --फिर,
अद्य --आज,
अद्यैव ---आज ही,
अद्यापि --आज भी,
श्वः --आने वाला कल,
ह्यः --बीता हुआ कल,
परश्वः --आने वाला परसों,
ह्यश्वः --गया हुआ परसों,
प्रपरश्वः --आने वाला नरसों,
प्रह्यश्वः --बीता हुआ नरसों
पुनः पुनः --बार-बार,
युगपत् ---एक ही समय में,
सकृत् --एक बार,
असकृत् --अनेक बार,
पुरा ,प्राक्--पहिले,
पश्चात् ---पीछे,
अथ ,अनन्तरम् --इसके बाद,
कियत् कालम् --कब तक,
एतावत् कालम् --अब तक,
तावत् कालम्—तब तक

संस्कृत  धातु शब्द  के हिंदी अर्थ

अभ्रकम् - अभ्रक
आयसम्- लोहा
इन्द्रनीलः - नीलम
कार्तस्वरम् , हाटक- सोना
कांस्यम्- कांसा
कांस्यकूटः - कसकूट
गन्धकः - गन्धक
चन्द्रलौहम्- जर्मन सिल्वर
ताम्रकम्- ताँबा
तुत्थाञ्जनम्- तूतिया
निष्कलंकायसम्- स्टेनलेस स्टील
पारदः - पारा
पीतकम् - हरताल पीतलम् - पीतल
पुष्परागः - पुखराज
प्रवालम् - मूँगा
मरतकम् - पन्ना
माणिक्यम् - चुन्नी
मौक्तिकम् - मोती
यशदम् - जस्ता
रजतम् - चाँदी
वैदूर्यम् - लहसुनिया
सीसम् - सीसा
स्फटिका - फिटकरी
हीरकः - हीरा


October 19, 2019

संस्कृत शब्दो के हिंदी अर्थ

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तोमरः - गँड़ासा
 धन्विन् – धनुर्धर
प्रहरणम् - शस्त्र
वैदूर्यम् - लहसुनिया
प्रासः - भाला
वर्मन् - कवच
विशिखः - बाण
वैजयन्ती - पताका
शरव्यम् - लक्ष्य
तदीयः--उसका,
यदीयः--जिसका,
परकीयः (अन्यदीयः)--दूसरे का,
इदानीम् , (सम्प्रति, अधुना) अब,इस समय,
आत्मीयः(स्वकीयः,स्वीयः)अपना,
सद्यः --तत्काल (अतिशीघ्र),
पुनः --फिर,
अद्य --आज,
अद्यैव ---आज ही,
अद्यापि --आज भी,
श्वः --आने वाला कल,
ह्यः --बीता हुआ कल,
चन्द्रलौहम्- जर्मन सिल्वर
ताम्रकम्- ताँबा
तुत्थाञ्जनम्- तूतिया
निष्कलंकायसम्- स्टेनलेस स्टील
पारदः - पारा
पीतकम् - हरताल पीतलम् - पीतल
पुष्परागः - पुखराज
प्रवालम् - मूँगा
मरतकम् - पन्ना