● पिता दिवस
卐 HAPPY FATHER'S DAY 卐
जीवन की बगिया पिता ही सवारे।पिता जी हमारे हां पिता जी तुम्हारे।
जैसे किसान करे फसल रखवाली,
फूलों की रक्षा जैसे करता है माली।
वैसे पिता जी बने घर के रखवारे।
पिता जी हमारे हां पिता जी तुम्हारे।
कपड़ा किताब बच्चों की पढ़ाई।
रोटी दाल पूरी करें साथ में दवाई।
घर की पूरी व्यवस्था में बने मतवारे।
पिता जी हमारे हां पिता जी तुम्हारे।
कल की जरूरत को करते है आज।
सबको सुखी रखे तथा देखे समाज।
सबकी व्यवस्था करे जो आये दुवारे।
पिता जी हमारे हां पिता जी तुम्हारे।
पिता परमात्मा सम है यही सच्चाई।
परिवार की सदा देखो सोचते भलाई।
पल पल वो सबकी खुशिया निखारें।
पिता जी हमारे हां पिता जी तुम्हारे।
पिता जी व्यवसायी हो चाहे किसान।
साधक हृदय से करो उनका सम्मान।
पिता जी के सदा बनो राज दुलारे।
पिता जी हमारे हां पिता जी तुम्हारे।
जीवन की बगिया पिता ही सवारे।
पिता जी हमारे हां पिता जी तुम्हारे।
स्वरचित
#प्रमोद वर्मा साधक
रमपुरवा रिसिया बहराइच

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