एप वैन पर-मुशायरा
सत्य का मार्ग कठिन झूठ है सरल
झूठ पर प्रहार हो उसमें गलत क्या?
बैठ उस छोर रचते नित ही साजिश
हमने आँख कड़ी की इसमें गलत क्या?
दिल में वसाकर उन्हें दी थी बाजार
घात की उसने बची इंसानियत क्या?
अब शूरू हो चुकी मेरा आर्थिक प्रहार
बदलते भारत की तस्वीर में गलत क्या?
आशुतोष
पटना बिहार
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