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ऐप बनाम सम कार्य सम वेतन

ऐप बनाम सम कार्य सम वेतन


पढ़ाई न होइहैं फोटो खिंचाये से
                शिक्षा के नींव को मजबूत बनाओ।
ना होइहैं सम वेतन कारज जो
             चाहे शिक्षक बाँधि के स्कूल रखाओ।।
एक चौका पे दुई भाँति  भयो
           एक के कोदो दूजे कालानमक खिलाओ।
ना होइहैं पढ़ाई जवन उपाय करौ
             चाहे प्रेरणा के साथे वोकर बाप लगाओ।। 1।।

सम वेतन कारज मंत्र महा
              यह यंत्र के अपने हृदय लटकाओ।
जइहैं समय से गुरुजी हमार
               ऐप   के   मैप  को  दूर  हटाओ।।
दर शिक्षा का आज गिरो है महा
               दर को यहि अब  और न घटाओं।
शिक्षाविद् के विचार हिये में धरौ
               समरसता को पाठ सबै को पढ़ाओ।। 2।।

विचार पुरान करो अवधान
              शिक्षक समाज को नूतन बनइहैं।
शिक्षा को ग्राफ राउर प्रताप
               जग में  आपको  नाम  बढ़इहैं।।
पचास हजार पे ऐप लगावत
                दस हजार पाये उ काव पढ़इहैं।
सम वेतन पर मिलि विचार करौ
                ऐप लगाये से  नहीं कछु होइहैं।। 3।।

हो वेतन एक सोंच हो  नेक
                 ऐप  लगाये  से  दोष  नहीं है।
समता - समत्व कै पाठ पढ़ाये
                  शिक्षक को कोई   रोष नहीं है।।
पहरेदार के सूते समाज सुति जाय
                 वा के छांड़ि अन्य पे भरोस नहीं है।
अनुभव को भी तवज्जह करौ
                 माँगे पे दाम कहौ कोष   नहीं   है।। 4।।

एक को टूटी साइकिल नहीं
                दूसर कार से पढ़ावे आवत है।
उम्र में दूजा वाके बाप के तुल्य
                काहें टेढ़ी नजर दिखावत   है।।
वाकर अनुभव दस गुना अधिक
                  अनुभव को जीरो बतावत है।
जरे  हृदय  की  दवा है  कहां
                    प्रेरणा को  दोष कहावत है।। 5।।

जरै हृदय, न  उदर  भरैं
               ऐप लगाये न  होइहैं पढ़ाई।
सम वेतन आज स्कूल में होय
              शिक्षा को स्तर खूब ऊँचाई।।
हिस्का दाँजी में शिक्षा डूबि रहल
                होत है शिक्षक को जग हँसाई।
यहि बात पे दिल से विचार करौ
                 याही ते होइहैं सबै कै भलाई।।
                               ।। कविरंग।।

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