कलम लाइव पत्रिका

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November 20, 2020

वाहन बीमा का समय सीमा कितना होता है vahan bima ka samay sima kitna hota h

वाहन बीमा का पीरियड कितना होता है ?

आप  कोई भी बीमा ले चाहें वो जीवन बीमा हो, कर बीमा हो,घर का बीमा हो सभी को एक समय सीमा होती हैं वो आपके ऊपर निर्भर करता हैं कि आक कितने वर्ष का बीमा करा रहे हैं लेकिन बहनों का बीमा ज्यादा लम्बे समय तक नहीं होता, यह एक दो तीन वर्ष के लिए ही होगा हैं क्योंकि ये एक समान हैं समय के साथ इसकी कीमत कम होती जाती हैं। हमारे भारत मे मोटर बीमा सिर्फ 1 वर्ष तक के लिये होता है। लेकिन वर्तमान बाइक का बीमा समय-सिमा दो से तीन वर्ष हो गया हैं वाहन का बीमा वर्तमान में उसकी कितनी कीमत हैं उसी के अनुसार होता हैं औऱ वर्तमान कीमत के हिसाब से ही प्रीमियम देना पड़ता हैं।



एक बार बीमा कर लेने के बाद ऐसा नही ह की अब आपको फिर कभी नहीं करना । बीमा करने के बाद जब तक आपके पास वाहन हैं तब तक वाहन बीमा हर वर्ष अपडेट कराना होता है वाहन बीमा, का सदैव अप टू डेट रहना बेहद ही जरूरी होता है। कोशिस करे की आपका मोटर बीमा खत्म होते ही उस फिर से अपडेट कराये ..| आप अगली बार चाहे तो दूसरी कम्पनी से बीमा करा सकते है या जिस कम्पनी से पहले कराया था उससे भी करा सकते है ये आपके ऊपर निर्भर करता है आपको किस कम्पनी से वाहन बीमा करना है..|

बीमा सम्बंधित अन्य जानकारीयां
◆ कार का बीमा कैसे कराए
■

November 05, 2020

बच्चों के लिए इन्सुरेंस प्लान bachchon ke lie insurance

bachchon ke lie insurance

                     बच्चों के लिए इन्सुरेंस प्लान



माता पिता हमेशा बच्चों को लेकर चिंतित रहते हैं और उनके भविष्य के बारे में सोचते  रहते है। कई बार ऐसा भी होता है कि अपने बच्चों के लिए अलग बचत व निवेश नहीं कर पाने की वजह से माता पिता ज्यादा निराश हो जाते हैं। लेकिन समय के साथ अच्छा प्रबंधन, बचत व निवेश करके चलें तो भविष्य को लेकर आपको चिंचत नही रहना पड़ेगा।
आपने, अपने आसपास देखा या सुना हो की बहुत से माता पिता बच्चों के लिए शुरू मे कोई इंतजाम नही कर पाते है और पूरी जिंदगी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंचित रहते है। भारत मे लगभग 70% माता पिता बच्चों के भविष्य को लेकर चिंचित रहते है। 
कि आगे बच्चों का क्या होगा ?
उनकी उच्च शिक्षा कैसे पूरी होगी ?
शादी व्याह कैसे होगा ?
वह कैसे जियेंगे ?
क्या हमारे बच्चे भी हमारी तरह ही मजबूरी मे जियेंगे ?
ऐसी ही माता पिता को बहुत सी चिंता सताती रहती है। ऐसा तब देखने में आता है जब उनके पास बचत के विकल्प नहीं रहते या बच्चे बड़े हो चुके होते हैं और समय निकल चुका होता है।
क्यों सही कह रहा हु ना ?
क्या मैं गलत कह रहा हु......



आप इतना तो जानते ही है। बच्चों का insurance (बीमा) कराना उनके भविष्य में शिक्षा जारी रखने में ही काम नहीं आएगा, बल्कि शादी व्याह , बिजनेस , या कही और भी जरूरत के अनुसार लगा सकते है|  इसके अलावा अगर भविष्य में आपको कुछ भी हो जाता है तो यही बीमा (Insurance) किसी विपरीत स्थिति में आपके बच्चों को आगे बढ़ते रहने के लिए सहायक होगा। आपको बता दें कि आपका जीवन बीमा काम ही देगा बल्कि बच्चों के लिए कराया गया बीमा एक समय बाद परिपक्व होने पर उन्हें मिल जाएगा।

आप रोज समाचार (news) सुनते है की आज इतने लोग मारे गए ।  एक्सिडेंट मे या किसी अन्य दुर्घटना मे । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जीवन में हर कदम पर कितने रिस्क हैं। तो सोचना क्या है आप भी कोई अच्छी बीमा पॉलिसी लें और अपना भविष्य सुरक्षित करें। और आप  भी चिंता  मुक्त हो जाये।
बच्चों का बीमा कराने के बाद माता-पिता अपनी इस चिंता से लगभग मुक्त हो जाते हैं कि उनकी भविष्य मे करियर से जुड़ी जरूरतों या शादी व्याह मे अलग से खर्च नहीं करना पड़ेगा। यह भी देखने में आया है कि बच्चे जब अपनी बालिग आयु में प्रवेश करते हैं और अपने करियर को सवारने की तैयारी कर रहे होते हैं तो उस समय तक पॉलिस परिपक्व होकर आपके बच्चों के हाथ में होती है।
आपको बता दें कि कई कम्पनियां चाइल्ड स्पेशल insurance प्लान उपलब्ध कराती हैं। जो साधारण प्लान से काफी कम अवधि का होता है। बेटी आपकी छोटी है तो कई कम्पनियां बेटी की शादी के लिए भी प्लान दे रही हैं। ऐसे प्लान आपकी बेटी के 18 से 25साल की हो जाने पर मिच्यौर हो जाते हैं। और सारे पैसे मिल जाते ह।।

October 03, 2020

Insurance परिपक्वता क्या हैं maturity kya hota h

Insurance Maturity kya h?  परिपक्वता क्या हैं?

maturity kya hain...

पॉलिसी पूरी होने के समय(अवधी) को maturity परिपक्वता कहते है।
जैसे:- राजीव ने बीमा कम्पनी से 10लाख की पॉलिसी लिया।  पॉलिसी  टर्म 20 वर्ष और प्रीमियम भरने का समय भी 20 वर्ष का  ही लिया । राजीव प्रीमियम समय पर भरता रहता है और राजीव की पॉलिसी के अब पूरे 20वर्ष हो जाते है यानी राजीव की पॉलिसी पूरी हो जाती है अब उसे पॉलिसी के पैसे मिलते है जब पॉलिसी पूरी हो जाती है उसे ही maturity परिपक्वता कहते है।।
maturity पर क्या क्या मिलता है जितने लाख की पॉलिसी थी वो पैसे  + गारंटी अद्दीसन +vested बोनस + internal वोनस+ अन्य।।




October 03, 2020

बीमा कवर क्या है bima cover kya hota h? Insurance kya ?

Insurance covar kya h?

बीमा कवर क्या है


कवर यानी किसी को बचना । जैसा की नाम से ही स्पष्ट हो रहा है किसी वस्तु ,जीव ,जन्तु या किसी भी चीज की सुरक्षा । 


उदाहरण के लिए:- हम कही जा रहे है अचानक बारिश होने लगती है तो हम छाता निकाल कर अपने को ढक लेते है यानी अपने को छाते से कवर कर लेते है। और बारिश की बूंदे हमारे ऊपर नही पड़ती है।
जीवन बीमा मे भी कवर का यही अर्थ है। अगर आप जीवन बीमा लेते है तो उसमे जीवन की रक्षा कवच के रूप मे रकम दिया जाता है।    

जैसे :- महेश ने जीवन बीमा पॉलिसी लिया और उसने बीमा कम्पनी से 10लाख का risk covar लिया है महेश ने अपना चौथे वर्ष का प्रीमियम  भर दिया है लेकिन दुर्भाग्यवश महेश की  मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को 10लाख बीमा कम्पनी ने दे दिया।  चाहे बीमाधारक ने बीमा के  कितने भी प्रीमियम भरा हो , लेकिन बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो बीमाकम्पनी बीमाधारक के परिवार को risk covar दे देती है  रिस्क कवर इस बात पर निर्भर नही करता है की बीमाधारक ने कितना प्रीमियम भर है रिस्क कवर बीमाधारक की मृत्यु पर निर्भर करता है  पॉलिसी के दौरान बीमा धारक की किसी भी करण से अगर दुर्घटना हो जाती है तो बीमा कम्पनी रिस्क कवर देती है।
बीमा कवर कितना है हमे कैसे पता चलेगा।
एक वर्ष का जो भी प्रीमियम आप जमा कर रहे है उसमे 10 से गुणा कर दे अपना रिस्क कवर निकल जायेगा। जैसे 39.000 एक वर्ष का प्रीमियम है तो 30.000 ×10 =3.00000
यानी 3 लाख आपका रिस्क कवर है।। अब आपको समझ आ गया होगा की रिस्क कवर क्या है।। 


■ कार का बीमा क्यों कराए
February 01, 2020

जीवन बीमा क्यों लेना चाहिए... jiavn bima kyo lena chahiye

जीवन बीमा क्यों लेना चाहिए


आप इस परिवार को देख रहे है । जिसमे पति पत्नी ओर 2 बच्चे है, ये परिवार आरामदायक जिंदगी बिता रहा है घर मे सिर्फ एक कमाने वाला आदमी है और अपने परिवार की खुशी के लिए पर्याप्त कमा लेते है। बछि अच्छे स्कूल मे पढ़ रहे है । जीवन अच्छा ख़ासा चल रहा है और समय के साथ उनकी आय और परिवार का जीवन का स्तर बढ़ाने लगा है।

लेकिन, एक पल के लिए, समझ लीजिये घर का खर्च जिससे चल रहा था वो किसी कारण से इस दुनिया मे नही हैं।।
क्या अब वो परिवार पहले जैसा खुश रह सकता है ?
क्या बच्चों की पढ़ाई पूरी हो पाएगी ?
घर का खर्च कैसे चलेगा ?
क्या उनका जीवन स्तर अब भी वैसा ही है?


ज्यादातर लोगों के लिए इस सवाल का जवाब होगा “नहीं”। यह इस पर निर्भर नहीं करता है कि आपका दोहरी आय वाला (double income) परिवार था कि नहीं। आय की हानि हमेशा किसी भी परिवार की वित्तीय योजनाओं में बाधा ला देती है। और अगर यह एकमात्र आय है, तो नुकसान बहुत ही गंभीर हो सकता है। आपको क्या लगता है आपको इसके लिए कोई उपाय नही करना चाहिए

स्वाभाविक है की परिवार के भावनात्मक नुकसान की भरपाई के लिए कुछ नहीं किया जा सकता है। लेकिन क्या ऐसे समय में हमें उनके आर्थिक रूप से ध्यान रखने के लिए कुछ नहीं करना चाहिए?

यदि कोई अपने खर्च के लिए आप पर निर्भर करता है, तो आप को जीवन बीमा खरीदना चाहिए। मतलब, अगर कोई भी आप पर आश्रित (dependent) है, तो आपको जीवन बीमा खरीदना चाहिए।
जैसे आपके :-माता पिता, पत्नि, बच्चे  आदि आप पर आश्रित  है। ये वह व्यक्ति हैं जो आप की मृत्यु होने पर वित्तीय मुसीबत में पर सकते हैं।
बेशक हमें करना चाहिए - खासकर जब मदद जीवन बीमा (life insurance) के रूप में आसानी से उपलब्ध है!

जीवन बीमा क्या हैं kya hota jivan bima


जीवन बीमा आप और बीमा कंपनी (insurance company) के बीच एक दीर्घकालिक अनुबंध (contract) है। इस अनुबंध के हिसाब से आप बीमा कंपनी को नियमित रूप से एक आवधिक राशि का भुगतान करने की सहमति देते हैं। बदले में कंपनी आपके उम्मीदवार (nominee) या आपके कानूनी वारिस (legal heir) को पूर्व निर्धारित राशि का भुगतान करने की सहमति देती है – अगर आपकी मृत्यु निर्धारित समय के पहले हो जाती है तब।

आप और जीवन बीमा कंपनी के बीच अनुबंध को जीवन बीमा पॉलिसी (life insurance policy) कहा जाता है। आप जो आवधिक भुगतान करते है उसे प्रीमियम (premium) कहा जाता है। आपकी असामयिक मौत हो जाने की स्थिति में बीमा कंपनी जिस राशि का भुगतान करती है उसे बीमा धन (सम अशयोर्ड or sun assured) कहा जाता है।

जिस अवधि के लिए आप प्रीमियम भुगतान करते है उसे प्रीमियम भुगतान अवधि (premium payment term) कहा जाता है।

और वह अवधि, जिस के दौरान कंपनी ने आपकी मौत हो जाने की स्थिति में राशि देने का आश्वासन दिया है,  उसे अवधि (tenure) या कार्यकाल (term) कहा जाता है। अधिकतर जीवन बीमा पॉलिसियों में प्रीमियम भुगतान अवधि और कार्यकाल एक ही होता है, लेकिन कुछ प्रकार की पॉलिसियों में वे भिन्न हो सकते हैं (इस बारे में और जानकारी के लिए आगे पढ़ें)।।


जीवन बीमा किसे खरीदना चाहिए?

यदि कोई अपने खर्च के लिए आप पर निर्भर करता है, तो आप को जीवन बीमा खरीदना चाहिए। मतलब, अगर कोई भी आप पर आश्रित (dependent) है, तो आपको जीवन बीमा खरीदना चाहिए।

आश्रित आपके माता पिता, पत्नि, बच्चे – कोई भी हो सकता है। ये वह व्यक्ति हैं जो आप की मृत्यु होने पर वित्तीय मुसीबत में हो सकते हैं।

कृपया ध्यान रखें की बीमा खरीदने की कोई आयु नहीं है – अगर आप पर कोई आश्रित है, तो आपको बीमा खरीदना चाहिए। जिंवन बीमा आदमी और औरत दोनो ले सकते ।।


January 10, 2020

Panchvrshiy yojana ke mukhy bindu पंचवर्षीय योजना

सभी पंचवर्षीय योजनाओं में प्राथमिकता के प्रमुख क्षेत्र



⚡1 पंचवर्षीय योजना (1951-56)
उत्तर -कृषि की प्राथमिकता।

⚡2 पंचवर्षीय योजना (1956-61)
उत्तर-उद्योग क्षेत्र की प्राथमिकता।

⚡3 पंचवर्षीय योजना (1961-66)
उत्तर - कृषि और उद्योग।

⚡4 पंचवर्षीय योजना (1969-74)
उत्तर -न्याय के साथ गरीबी के विकास को हटाया।

⚡5 वीं पंचवर्षीय योजना (1974-79)
उत्तर -गरीबी और आत्म निर्भरता को हटाया।

⚡6 पंचवर्षीय योजना (1980-85)
उत्तर - 5 वीं योजना के रूप में ही जोर दिया।

⚡7 वीं पंचवर्षीय योजना (1985-90)
उत्तर -फूड प्रोडक्शन, रोजगार, उत्पादकता

⚡8 वीं पंचवर्षीय योजना (1992-97)
उत्तर -रोजगार सृजन, जनसंख्या का नियंत्रण।

⚡9 वीं पंचवर्षीय योजना (1997-02)
उत्तर -7 प्रतिशत की विकास दर.

⚡10 वीं पंचवर्षीय योजना (2002-07)
उत्तर - स्व रोजगार और संसाधनों का विकास।

⚡11 वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12)
उत्तर - व्यापक और तेजी से विकास।

⚡12 वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17)
उत्तर -स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता {समग्र विकास} का सुधार।
August 23, 2019

MOTER VEHICLE INSURANCE/ मोटर बीमा क्या -क्या कवर करता है?

मोटर बीमा क्या -क्या कवर करता है?

MOTER VEHICLE INSURANCE

एक संपूर्ण कार बीमा योजना के अंतर्गत  आता हैः

1. प्राकृतिक आपदा के कारण क्षति या बर्बादी :जो  आपके नियंत्रण के बार की घटनाएँ होती है...
जैसे- बिजली कड़कना, भूकंप, बाढ़, तूफान, चक्रवात, आँधी, भू-स्खलन इत्यादि।

2. मानव निर्मित आपदा के कारण क्षति या बर्बादी :जैसे- डकैती, चोरी, दंगा, हड़ताल, आतंकवादी गतिविधि, तथा सड़क, रेल या जल परिवहन के समय कोई क्षति।

3. व्यक्तिगत दुर्घटना कवर :स्थायी अस्थायी या दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के समय यह आपके परिवार का भविष्य सुरक्षित करता है। यात्रा, कार से सवारी करते समय या निकलते समय ड्राइवर द्वारा किये जाने वाले किसी क्षति के लिए आप बीमा कवर प्राप्त कर सकते हैं। कुछ कंपनियाँ सह-यात्री को भी वैकल्पिक दुर्घटना राशी उपलब्ध कराती है।

4. तीसरी पार्टी की विधिक दायित्व :कानून द्वारा अनिवार्य, यह नीति आपको आकस्मिक क्षति जिसके परिणामस्वरूप तीसरी पार्टी की स्थायी जख्म या मृत्यु हो जाती है, के विरुद्ध विधिक दायित्व की रक्षा करती है। यह आस-पास की संपत्ति की क्षति को भी कवर करता है।




■ कार का बीमा कैसे कराए

■मैच्यूरिटी क्या होता हैं